Kentucky Meat Shower: दुनिया के इतिहास में कई अजीब घटनाएं दर्ज हैं, लेकिन अमेरिका के केंटकी राज्य में आज से 150 साल पहले 1876 में घटी एक घटना आज भी लोगों को हैरान कर देती है। इस घटना को इतिहास में 'केंटकी मीट शॉवर' (Kentucky Meat Shower) के नाम से जाना जाता है। उस दिन लोगों ने अपनी आंखों से देखा कि साफ आसमान से मांस के टुकड़े जमीन पर गिर रहे थे। जिसने भी इस घटना का दीदार किया उसे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन यह सच था। वैसे आपको बता दें कि फेमस फूड चेन 'केंटकी फ्राइड चिकन' यानी कि KFC का नाम भी इसी राज्य के ऊपर रखा गया है।
यह घटना 3 मार्च 1876 को अमेरिका के केंटकी राज्य के बाथ काउंटी के ओलंपिया स्प्रिंग्स इलाके में हुई थी। उस दिन एक किसान की पत्नी मैरी क्राउच अपने घर के बाहर साबुन बना रही थीं। तभी अचानक उन्हें महसूस हुआ कि आसमान से कोई चीज गिर रही है। जब उन्होंने ध्यान से देखा तो पाया कि जमीन पर लाल रंग के मांस के टुकड़े गिर रहे हैं। कुछ ही मिनटों में खेत के एक बड़े हिस्से में मांस के कई टुकड़े बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना सुबह के 11 बजे से 12 बजे के बीच कुछ मिनटों तक चली। करीब 100 गुणा 50 गज के क्षेत्र में मांस के टुकड़े गिरे थे। कई टुकड़े लगभग 5 सेमी के थे, जबकि कुछ इससे भी बड़े थे।
उस दिन आसमान बिल्कुल साफ था, इसलिए लोगों को यह घटना और भी रहस्यमय लगी। लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर मांस के इतने बड़े टुकड़े, और वह भी साफ आसमान से कैसे गिर रहे हैं। उस समय इस घटना की खबर जल्दी ही अखबारों और वैज्ञानिक पत्रिकाओं तक पहुंच गई। 'साइंटिफिक अमेरिकन' और 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' जैसे बड़े प्रकाशनों ने भी इस विचित्र घटना पर रिपोर्ट प्रकाशित की। स्थानीय लोगों में से कुछ ने तो उन टुकड़ों को चखकर यह अंदाजा लगाने की कोशिश भी की कि यह किस जानवर का मांस हो सकता है। मांस को चखने वाले कुछ लोगों ने इसे भेड़ का मांस बताया तो कुछ ने कहा कि यह हिरण का मांस है।
घटना के बाद वैज्ञानिकों ने भी इसकी जांच की। शुरुआती दौर में कुछ लोगों ने कहा कि यह कोई जैविक पदार्थ या शैवाल हो सकता है, लेकिन बाद में माइक्रोस्कोप से जांच करने पर पता चला कि ये वास्तव में जानवरों के ऊतक जैसे मांसपेशियां, फेफड़ों के हिस्से और कार्टिलेज थे। इससे साफ हुआ कि उस दिन आसमान से किसी जानवर का मांस ही गिरा था। लेकिन सवाल यह था कि यह मांस आसमान से आया कैसे? इस बारे में कई सिद्धांत सामने आए। ज्यादातर लोगों का मानना था कि इस घटना के पीछे गिद्ध हो सकते हैं।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसा संभव है कि उस समय आसमान में गिद्धों का एक बड़ा झुंड उड़ रहा हो। गिद्ध अक्सर सड़ा हुआ मांस खाते हैं और खतरा महसूस होने पर उड़ान को हल्का करने के लिए अपने पेट का भोजन उलट देते हैं। अगर कई गिद्ध एक साथ ऐसा करें तो जमीन पर मांस के टुकड़ों की बरसात होना कोई बड़ी बात नहीं। हालांकि यह सिद्धांत सबसे ज्यादा तर्कसंगत माना जाता है, लेकिन इस घटना की पूरी सच्चाई आज तक पूरी तरह साबित नहीं हो पाई है। यही वजह है कि केंटकी मीट शॉवर आज भी इतिहास की सबसे अजीब और रहस्यमय घटनाओं में से एक मानी जाती है।
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